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SSC गणित शॉर्ट ट्रिक्स: प्रतिशत और लाभ-हानि के 12 प्रश्न

By StudyMitra Team
11 min read2,314 words

StudyMitra

SSC गणित शॉर्ट ट्रिक्स: प्रतिशत और लाभ-हानि के 12 प्रश्न

SSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित के प्रतिशत और लाभ-हानि के प्रश्नों को हल करने के लिए प्रभावी शॉर्ट ट्रिक्स सीखें। विस्तृत व्याख्या के साथ 12 म

SSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित के प्रतिशत और लाभ-हानि के प्रश्नों को हल करने के लिए प्रभावी शॉर्ट ट्रिक्स सीखें। विस्तृत व्याख्या के साथ 12 म

प्रतियोगी परीक्षाओं में समय प्रबंधन सफलता की कुंजी है। गणित के प्रश्नों को कम समय में हल करने के लिए शॉर्ट ट्रिक्स का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस लेख में, हम SSC और रेलवे परीक्षाओं के लिए प्रतिशत और लाभ-हानि से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण शॉर्ट ट्रिक्स सीखेंगे। इन ट्रिक्स को समझने के बाद, आप विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को आसानी से हल कर पाएंगे। हमने 12 अभ्यास प्रश्न भी शामिल किए हैं जिनकी विस्तृत व्याख्या दी गई है ताकि आप अवधारणाओं को अच्छी तरह समझ सकें।## सीधा जवाबSSC CGL, CHSL, GD और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में गणित के प्रतिशत और लाभ-हानि के प्रश्नों को तेजी से हल करने के लिए शॉर्ट ट्रिक्स का उपयोग करना आवश्यक है। ये ट्रिक्स आपको जटिल गणनाओं को सरल बनाने और समय बचाने में मदद करती हैं। उदाहरण के लिए, प्रतिशत वृद्धि/कमी या क्रय-विक्रय मूल्य के प्रश्नों को सूत्र या अनुपात विधि से कुछ ही सेकंड में हल किया जा सकता है। वर्ष 2026 की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ये ट्रिक्स बेहद फायदेमंद साबित होंगी।## 🎯 किस परीक्षा के लिए?यह अध्ययन सामग्री मुख्य रूप से निम्नलिखित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है:

  • SSC CGL (संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा)
  • SSC CHSL (संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तरीय परीक्षा)
  • SSC GD Constable (जनरल ड्यूटी कांस्टेबल)
  • SSC MTS (मल्टी-टास्किंग स्टाफ)
  • Railway NTPC (गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियाँ)
  • Railway Group D
  • अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाएं जिनमें मात्रात्मक योग्यता शामिल है।
## 📌 पेपर पैटर्न
  • प्रत्येक गलत उत्तर के लिए नकारात्मक अंकन (Negative Marking) होता है।
  • गणित अनुभाग में आमतौर पर 25-30 प्रश्न होते हैं।
  • समय प्रबंधन महत्वपूर्ण है, क्योंकि गणित के प्रश्न अक्सर समय लेने वाले होते हैं।
  • प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) प्रारूप में होते हैं।
  • अंकगणित और उन्नत गणित दोनों से प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाती है।
## ❓ 12 प्रश्न (उत्तर + व्याख्या)Trick 1: प्रतिशत वृद्धि/कमी पर आधारित प्रश्नशॉर्ट ट्रिक: यदि किसी वस्तु का मूल्य R% बढ़ता है, तो खपत में कितनी कमी की जाए ताकि खर्च अपरिवर्तित रहे: (R / (100 + R)) * 100%। यदि किसी वस्तु का मूल्य R% घटता है, तो खपत में कितनी वृद्धि की जाए ताकि खर्च अपरिवर्तित रहे: (R / (100 - R)) * 100%।Q1. चीनी के मूल्य में 20% की वृद्धि हो जाती है। एक गृहिणी को अपनी खपत में कितने प्रतिशत की कमी करनी चाहिए ताकि उसका खर्च अपरिवर्तित रहे?
(A) 16.67% (B) 20% (C) 25% (D) 15%
उत्तर: (A)
💡 व्याख्या:
यहां R = 20%।
खपत में कमी = (20 / (100 + 20)) * 100% = (20 / 120) * 100% = (1 / 6) * 100% = 16.66...% या 16 2/3%। अतः, गृहिणी को अपनी खपत में 16.67% की कमी करनी चाहिए।Q2. यदि किसी वस्तु का मूल्य 25% घट जाता है, तो उसकी खपत में कितने प्रतिशत की वृद्धि की जाए ताकि कुल खर्च समान रहे?
(A) 20% (B) 25% (C) 33.33% (D) 40%
उत्तर: (C)
💡 व्याख्या:
यहां R = 25%।
खपत में वृद्धि = (25 / (100 - 25)) * 100% = (25 / 75) * 100% = (1 / 3) * 100% = 33.33...% या 33 1/3%। अतः, खपत में 33.33% की वृद्धि की जानी चाहिए।Q3. एक व्यक्ति की आय में 10% की वृद्धि होती है। खर्च को समान रखने के लिए उसे अपनी बचत में कितने प्रतिशत की कमी करनी होगी (यदि वह अपनी आय का एक निश्चित प्रतिशत खर्च करता है)?
(A) 9.09% (B) 10% (C) 11.11% (D) 12.5%
उत्तर: (A)
💡 व्याख्या:
यह प्रश्न भी उसी सिद्धांत पर आधारित है। यदि आय 10% बढ़ती है, तो खर्च को समान रखने के लिए, आय के सापेक्ष खर्च में कमी करनी होगी। यहां R = 10%। कमी = (10 / (100 + 10)) * 100% = (10 / 110) * 100% = (1 / 11) * 100% = 9.09% (लगभग)। अतः, उसे अपनी बचत में 9.09% की कमी करनी होगी।

Trick 2: क्रय-विक्रय मूल्य और लाभ/हानि प्रतिशत पर आधारित प्रश्नशॉर्ट ट्रिक: यदि किसी वस्तु को X% लाभ पर बेचा जाता है, तो विक्रय मूल्य = क्रय मूल्य * (100 + X) / 100। यदि किसी वस्तु को Y% हानि पर बेचा जाता है, तो विक्रय मूल्य = क्रय मूल्य * (100 - Y) / 100।Q4. एक दुकानदार एक वस्तु को ₹480 में बेचकर 20% का लाभ कमाता है। वस्तु का क्रय मूल्य क्या है?
(A) ₹384 (B) ₹400 (C) ₹420 (D) ₹576
उत्तर: (B)
💡 व्याख्या:
विक्रय मूल्य (SP) = ₹480, लाभ प्रतिशत = 20%। हम जानते हैं, SP = CP * (100 + लाभ%) / 100। 480 = CP * (100 + 20) / 100 => 480 = CP * 120 / 100 => CP = (480 * 100) / 120 = 4 * 100 = ₹400। अतः, वस्तु का क्रय मूल्य ₹400 है।Q5. एक पुस्तक को ₹600 में बेचने पर 25% की हानि होती है। पुस्तक का क्रय मूल्य ज्ञात करें।
(A) ₹750 (B) ₹800 (C) ₹450 (D) ₹900
उत्तर: (B)
💡 व्याख्या:
विक्रय मूल्य (SP) = ₹600, हानि प्रतिशत = 25%। हम जानते हैं, SP = CP * (100 - हानि%) / 100। 600 = CP * (100 - 25) / 100 => 600 = CP * 75 / 100 => CP = (600 * 100) / 75 = 8 * 100 = ₹800। अतः, पुस्तक का क्रय मूल्य ₹800 है।Q6. यदि किसी वस्तु को ₹720 में बेचने पर 10% की हानि होती है, तो उसे कितने में बेचा जाए ताकि 20% का लाभ हो?
(A) ₹800 (B) ₹960 (C) ₹900 (D) ₹1000
उत्तर: (B)
💡 व्याख्या:
पहला चरण: क्रय मूल्य (CP) ज्ञात करें। SP1 = ₹720, हानि = 10%। 720 = CP * (100 - 10) / 100 => CP = ₹800। दूसरा चरण: 20% लाभ पर विक्रय मूल्य (SP2) ज्ञात करें। CP = ₹800, लाभ = 20%। SP2 = 800 * (100 + 20) / 100 = 800 * 120 / 100 = ₹960। अतः, वस्तु को ₹960 में बेचा जाना चाहिए।

Trick 3: A की आय B से X% अधिक है, तो B की आय A से कितने प्रतिशत कम है?शॉर्ट ट्रिक: यदि A की आय B से R% अधिक है, तो B की आय A से (R / (100 + R)) * 100% कम है। यदि A की आय B से R% कम है, तो B की आय A से (R / (100 - R)) * 100% अधिक है।Q7. यदि राम की आय श्याम की आय से 25% अधिक है, तो श्याम की आय राम की आय से कितने प्रतिशत कम है?
(A) 20% (B) 25% (C) 16.67% (D) 33.33%
उत्तर: (A)
💡 व्याख्या:
यहां R = 25%। कमी प्रतिशत = (25 / (100 + 25)) * 100% = (25 / 125) * 100% = (1 / 5) * 100% = 20%। अतः, श्याम की आय राम की आय से 20% कम है।Q8. यदि एक वस्तु का मूल्य दूसरे वस्तु से 30% कम है, तो दूसरी वस्तु का मूल्य पहली वस्तु से कितने प्रतिशत अधिक है?
(A) 30% (B) 42.86% (C) 23.08% (D) 33.33%
उत्तर: (B)
💡 व्याख्या:
यहां R = 30%। अधिक प्रतिशत = (30 / (100 - 30)) * 100% = (30 / 70) * 100% = (3 / 7) * 100% = 42.857...% या 42 6/7%। अतः, दूसरी वस्तु का मूल्य पहली वस्तु से लगभग 42.86% अधिक है।

Trick 4: लगातार प्रतिशत परिवर्तनशॉर्ट ट्रिक: यदि किसी वस्तु का मूल्य पहले X% बढ़ता है और फिर Y% बढ़ता है, तो कुल प्रतिशत परिवर्तन = X + Y + (XY / 100)। यदि X% बढ़ता है और Y% घटता है, तो कुल प्रतिशत परिवर्तन = X - Y - (XY / 100)। (चिन्हों का ध्यान रखें: वृद्धि के लिए +, कमी के लिए -)Q9. एक शहर की जनसंख्या पहले वर्ष 10% बढ़ती है और दूसरे वर्ष 20% बढ़ती है। दो वर्षों में जनसंख्या में कुल कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई?
(A) 30% (B) 32% (C) 33% (D) 35%
उत्तर: (B)
💡 व्याख्या:
यहां X = 10% (वृद्धि), Y = 20% (वृद्धि)। कुल प्रतिशत वृद्धि = 10 + 20 + (10 * 20 / 100) = 30 + (200 / 100) = 30 + 2 = 32%। अतः, जनसंख्या में कुल 32% की वृद्धि हुई।Q10. एक वस्तु का मूल्य पहले 20% बढ़ाया गया, फिर 10% घटाया गया। वस्तु के अंतिम मूल्य में कुल कितने प्रतिशत का परिवर्तन हुआ?
(A) 8% वृद्धि (B) 8% कमी (C) 10% वृद्धि (D) 10% कमी
उत्तर: (A)
💡 व्याख्या:
यहां X = 20% (वृद्धि), Y = 10% (कमी)। कुल प्रतिशत परिवर्तन = 20 - 10 - (20 * 10 / 100) = 10 - (200 / 100) = 10 - 2 = 8%। चूंकि परिणाम धनात्मक है, यह 8% की वृद्धि है। अतः, वस्तु के अंतिम मूल्य में 8% की वृद्धि हुई।Q11. एक वर्ग की प्रत्येक भुजा को 20% बढ़ा दिया जाए, तो उसके क्षेत्रफल में कितने प्रतिशत की वृद्धि होगी?
(A) 20% (B) 40% (C) 44% (D) 48%
उत्तर: (C)
💡 व्याख्या:
वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा * भुजा। यहां दोनों भुजाओं में 20% की वृद्धि होती है। इसलिए, X = 20%, Y = 20%। कुल प्रतिशत वृद्धि = 20 + 20 + (20 * 20 / 100) = 40 + (400 / 100) = 40 + 4 = 44%। अतः, वर्ग के क्षेत्रफल में 44% की वृद्धि होगी।Q12. एक परीक्षा में 60% छात्र गणित में उत्तीर्ण हुए, 70% अंग्रेजी में उत्तीर्ण हुए और 50% दोनों में उत्तीर्ण हुए। कितने प्रतिशत छात्र दोनों विषयों में अनुत्तीर्ण हुए?
(A) 10% (B) 20% (C) 30% (D) 40%
उत्तर: (B)
💡 व्याख्या:
उत्तीर्ण छात्र (गणित) = 60%, उत्तीर्ण छात्र (अंग्रेजी) = 70%, दोनों में उत्तीर्ण = 50%। कम से कम एक विषय में उत्तीर्ण छात्र = (गणित में उत्तीर्ण) + (अंग्रेजी में उत्तीर्ण) - (दोनों में उत्तीर्ण) = 60% + 70% - 50% = 130% - 50% = 80%। दोनों विषयों में अनुत्तीर्ण छात्र = 100% - (कम से कम एक विषय में उत्तीर्ण) = 100% - 80% = 20%। अतः, 20% छात्र दोनों विषयों में अनुत्तीर्ण हुए।## 💬 लोग ये भी पूछते हैं (FAQ)प्रश्न: SSC परीक्षाओं में गणित के लिए कौन से विषय सबसे महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: SSC परीक्षाओं के लिए प्रतिशत, लाभ-हानि, अनुपात-समानुपात, औसत, समय और कार्य, चाल-समय-दूरी, संख्या प्रणाली, बीजगणित, ज्यामिति और त्रिकोणमिति जैसे विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

प्रश्न: गणित के शॉर्ट ट्रिक्स सीखने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
उत्तर: शॉर्ट ट्रिक्स सीखने का सबसे अच्छा तरीका है पहले अवधारणा को समझना, फिर ट्रिक को लागू करना और नियमित रूप से अभ्यास करना। एक ही ट्रिक पर आधारित कई प्रश्नों को हल करने से आप उसमें महारत हासिल कर सकते हैं।

प्रश्न: क्या मुझे सभी गणितीय सूत्रों को याद करना होगा?
उत्तर: सभी सूत्रों को याद करने के बजाय, उनके पीछे की अवधारणाओं को समझना अधिक महत्वपूर्ण है। कुछ मूलभूत सूत्र याद रखना सहायक होता है, लेकिन अधिकांश प्रश्नों को लॉजिकल ट्रिक्स और अवधारणात्मक समझ से हल किया जा सकता है।

प्रश्न: SSC गणित के लिए दैनिक अभ्यास कैसे करें?
उत्तर: दैनिक अभ्यास के लिए, एक निश्चित समय निर्धारित करें। प्रतिदिन कम से कम 1-2 घंटे गणित को दें। मॉक टेस्ट हल करें, पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें और अपनी कमजोरियों पर काम करें। निरंतरता सफलता की कुंजी है।

प्रश्न: प्रतिशत और लाभ-हानि के प्रश्नों में अक्सर कौन सी गलतियाँ होती हैं?
उत्तर: अक्सर छात्र प्रतिशत वृद्धि और कमी की गणना में, या क्रय मूल्य और विक्रय मूल्य के बीच भ्रमित होकर गलतियाँ करते हैं। लाभ या हानि हमेशा क्रय मूल्य पर ही गणना की जाती है, जब तक कि अन्यथा न कहा गया हो।

प्रश्न: क्या ये शॉर्ट ट्रिक्स अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी हैं?
उत्तर: हाँ, ये शॉर्ट ट्रिक्स न केवल SSC बल्कि रेलवे, बैंकिंग, राज्य पुलिस और अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बहुत उपयोगी हैं जहाँ मात्रात्मक योग्यता (Quantitative Aptitude) एक महत्वपूर्ण खंड होता है। गणित के मूल सिद्धांत सभी जगह समान रहते हैं।

प्रश्न: गणित में गति और सटीकता कैसे सुधारें?
उत्तर: गति और सटीकता सुधारने के लिए नियमित अभ्यास, शॉर्ट ट्रिक्स का उपयोग, समयबद्ध मॉक टेस्ट और अपनी गलतियों का विश्लेषण करना आवश्यक है। मानसिक गणना (mental calculation) का अभ्यास भी बहुत सहायक होता है।## निष्कर्षगणित में शॉर्ट ट्रिक्स का अभ्यास आपको प्रतियोगी परीक्षाओं में निश्चित रूप से बढ़त दिलाएगा। प्रतिशत और लाभ-हानि जैसे विषयों पर पकड़ बनाने के लिए इन ट्रिक्स को अपनी दैनिक अभ्यास का हिस्सा बनाएं। निरंतर अभ्यास से आप न केवल प्रश्नों को तेजी से हल कर पाएंगे, बल्कि आपकी सटीकता भी बढ़ेगी। StudyMitra के साथ अपनी तैयारी को मजबूत करते रहें!

Frequently Asked Questions

SSC परीक्षाओं के लिए प्रतिशत, लाभ-हानि, अनुपात-समानुपात, औसत, समय और कार्य, चाल-समय-दूरी, संख्या प्रणाली, बीजगणित, ज्यामिति और त्रिकोणमिति जैसे विषय अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

शॉर्ट ट्रिक्स सीखने का सबसे अच्छा तरीका है पहले अवधारणा को समझना, फिर ट्रिक को लागू करना और नियमित रूप से अभ्यास करना। एक ही ट्रिक पर आधारित कई प्रश्नों को हल करने से आप उसमें महारत हासिल कर सकते हैं।

सभी सूत्रों को याद करने के बजाय, उनके पीछे की अवधारणाओं को समझना अधिक महत्वपूर्ण है। कुछ मूलभूत सूत्र याद रखना सहायक होता है, लेकिन अधिकांश प्रश्नों को लॉजिकल ट्रिक्स और अवधारणात्मक समझ से हल किया जा सकता है।

दैनिक अभ्यास के लिए, एक निश्चित समय निर्धारित करें। प्रतिदिन कम से कम 1-2 घंटे गणित को दें। मॉक टेस्ट हल करें, पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करें और अपनी कमजोरियों पर काम करें। निरंतरता सफलता की कुंजी है।

अक्सर छात्र प्रतिशत वृद्धि और कमी की गणना में, या क्रय मूल्य और विक्रय मूल्य के बीच भ्रमित होकर गलतियाँ करते हैं। लाभ या हानि हमेशा क्रय मूल्य पर ही गणना की जाती है, जब तक कि अन्यथा न कहा गया हो।

हाँ, ये शॉर्ट ट्रिक्स न केवल SSC बल्कि रेलवे, बैंकिंग, राज्य पुलिस और अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बहुत उपयोगी हैं जहाँ मात्रात्मक योग्यता (Quantitative Aptitude) एक महत्वपूर्ण खंड होता है। गणित के मूल सिद्धांत सभी जगह समान रहते हैं।

गति और सटीकता सुधारने के लिए नियमित अभ्यास, शॉर्ट ट्रिक्स का उपयोग, समयबद्ध मॉक टेस्ट और अपनी गलतियों का विश्लेषण करना आवश्यक है। मानसिक गणना (mental calculation) का अभ्यास भी बहुत सहायक होता है।

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